110+ दोगलेपन पर शायरी | Doglapan Par Shayari

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दोगलेपन पर शायरी

आज के दौर में दोगलापन एक आम सच्चाई बन चुका है। लोग सामने मीठी बातें करते हैं, दोस्ती और अपनापन दिखाते हैं, लेकिन पीठ पीछे वही लोग धोखा देने से भी नहीं हिचकिचाते।

ऐसे दोहरे चेहरे रिश्तों को खोखला कर देते हैं और इंसान का भरोसा अंदर तक तोड़ देते हैं। जब बार-बार फरेब मिलता है, तो दिल का दर्द शब्द बनकर शायरी में ढल जाता है।

दोगलेपन पर शायरी सिर्फ़ ग़ुस्से या शिकायत का ज़रिया नहीं होती, बल्कि यह उन नक़ाबपोश लोगों की असलियत को बेनक़ाब करती है, जो हर रिश्ते को अपने मतलब के लिए इस्तेमाल करते हैं।

अगर आप भी दोहरे चरित्र वाले लोगों से परेशान हैं, तो यह दोगलेपन पर शायरी का कलेक्शन आपके जज़्बातों को सही अंदाज़ में बयां करेगा।

दोगलेपन पर शायरी

दोगले लोग कभी अपने नहीं होते,
ये बस ज़रूरत के लिए पास होते।

सच्चाई की महफ़िल में जो कायर निकलते हैं,
वही सबसे ज़्यादा दोगले किरदार निकलते हैं।

कभी दोस्त तो कभी दुश्मन बनकर निभाते हैं,
दोगले लोग हालात के हिसाब से रिश्ते चलाते हैं।

चेहरे पर दोस्ती, दिल में फ़रेब रखते हैं,
दोगले लोग हर जगह अजीब लगते हैं।

सामने से मीठा, पीछे से ज़हरीला,
यही तो होता है दोगलेपन का सिलसिला।

चेहरे पे फरिश्ता, दिल में हैवान,
यही तो है दोगलों की पहचान।

चेहरों पर मुस्कान, दिल में खंजर छुपा लेते हैं,
दोगले लोग हर मोड़ पर रिश्ते तोड़ जाते हैं।

सामने से दोस्ती, पीछे गद्दारी,
यही है दोगलेपन की बीमारी।

दोगले लोग रिश्तों का मज़ाक उड़ाते हैं,
हर पल धोखे के रास्ते अपनाते हैं।

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सच्चाई इनको रास नहीं आती,
दोगलों की आदत कभी छुपी नहीं जाती।

दोगले रिश्तेदार शायरी

सच्चे दिल वालों को धोखा देते हैं,
दोगले बस ज़हर ही बोते हैं।

दिखते हैं नेक, पर अंदर से खोटे,
दोगले लोग ही सबसे छोटे।

हर दिन नया चेहरा लगाते हैं,
दोगले लोग नक़ाब छुपाते हैं।

रिश्ते निभाना इनके बस की बात नहीं,
दोगले लोगों की कोई औक़ात नहीं।

दोस्ती का नाम लेकर जाल बुनते हैं,
दोगले लोग हर जगह मिलते हैं।

जो दिल से साफ़ हैं वो कभी गिरते नहीं,
दोगले लोग कहीं टिकते नहीं।

मीठी बोली, मगर चालाक दिमाग,
यही है दोगलेपन का असली फ़रियाद।

दोगलों की दुनिया में भरोसा नहीं चलता,
सच्चाई का रास्ता कभी नहीं पलता।

मुस्कुराते हैं ऐसे जैसे यार हों,
मगर पीछे से काटते हैं जैसे ख़ंजर हों।

दोगले लोगों पर शायरी

नकली रिश्ते, नकली बातें,
दोगले लोग हर तरफ़ की मुलाक़ातें।

सामने मिठास, पीछे ज़हर,
दोगलेपन से बढ़कर नहीं कोई कहर।

साफ़ दिल वाले तो भगवान की देन,
दोगले लोग बस धोखे के चैन।

चेहरे पे मुस्कान, दिल में नफ़रत,
दोगले लोग करते हैं बस सिर्फ़ ग़द्दारी की फितरत।

दोस्ती का नाम लेकर खेलते हैं,
दोगले लोग हर रोज़ बदलते हैं।

सामने हँसी, पीछे वार,
यही है दोगलों का असली व्यापार।

दोगले लोग इंसानियत बेच देते हैं,
बस अपने मतलब के रिश्ते खोज लेते हैं।

असली चेहरा छुपाने की आदत है,
दोगलों को नक़ाब पहनने की इबादत है।

दिल में नफ़रत, जुबां पे प्यार,
दोगलों का यही है व्यापार।

सच्चाई की रौशनी में टिकते नहीं,
दोगले लोग कभी साफ़ दिखते नहीं।

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दोगले लोगों पर शायरी 2 Line

दिल में ज़हर, हाथों में फूल,
दोगले लोग हमेशा ही क्रूर।

जो असली हैं वो हमेशा अकेले मिलते हैं,
दोगले लोग भीड़ में ही चलते हैं।

सामने झुकते हैं, पीछे काटते हैं,
दोगले हर मौके पर बदलते हैं।

नकली मुस्कान, नकली बातें,
दोगले लोग हर रोज़ मुलाक़ातें।

रिश्ता निभाना इनसे उम्मीद मत रखो,
दोगलों से हर वक्त सिर्फ़ धोखा ही देखो।

भरोसा इनसे रखना बेकार है,
दोगले तो बस धोखे के हथियार हैं।

सामने से यार, पीछे गद्दार,
दोगले लोग सबसे ख़तरनाक हथियार।

दोस्ती का नाम लेकर वार करते हैं,
दोगले हर जगह तैयार रहते हैं।

सच्चाई को कभी ये मानते नहीं,
दोगले कभी किसी के रहते नहीं।

रिश्तों को बेचते हैं बाज़ार में,
दोगले जीते हैं सिर्फ़ दिखावे के संसार में।

दोगले इंसान हर जगह मिलेंगे,
मगर सच्चे दिल वाले बहुत कम मिलेंगे।

निष्कर्ष

हमें पूरा यक़ीन है कि दोगलेपन पर शायरी का यह कलेक्शन आपके दिल की बात कह पाया होगा। दोहरे चेहरे वाले लोगों से मिले ज़ख़्म अक्सर दिखाई नहीं देते, लेकिन शायरी उन्हें आवाज़ देती है।

अगर इन शायरियों में आपको अपने अनुभवों की झलक मिली हो, तो इन्हें अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर ज़रूर शेयर करें।ऐसी ही सच्ची, तीखी और दिल छू लेने वाली शायरी पढ़ने के लिए दोबारा ज़रूर आएँ।

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