135+ घर से दूर जाने की शायरी | Ghar Se Door Shayari in Hindi

Updated On:
घर से दूर जाने की शायरी

घर सिर्फ़ ईंट दीवार और छत नहीं होता बल्कि वहीं से हमारी पहचान शुरू होती है। माँ की ममता, पिता की सीख, अपनों की हँसी और बचपन की यादें सब कुछ उसी एक शब्द में समाया होता है।

लेकिन जब ज़िंदगी हमें मजबूर करती है घर से दूर जाने के लिए, तब दिल के अंदर एक ऐसा खालीपन बस जाता है जिसे कोई भीड़, कोई काम कोई कामयाबी भर नहीं पाती।

घर से दूर जाने की शायरी उन्हीं जज़्बातों की आवाज़ है जो परदेश में रहते हुए हर रात दिल से निकलती है। अगर आप भी नौकरी पढ़ाई या हालातों की वजह से घर से दूर हैं तो ये शायरियाँ आपके दर्द और यादों को शब्दों में ढाल देंगी।

🧳 घर से दूर जाने की शायरी

सफ़र कितना भी हसीं क्यों न लगे,
घर से दूर हर खुशी अधूरी लगे।

अपनों से दूरी का ग़म बहुत भारी है,
दिल में बस यादों की तन्हाई सारी है।

वो आँगन, वो चौखट आज भी याद आती है,
घर की खुशबू ही सबसे प्यारी लगती है।

घर से दूर जाऊँ तो यादें सताती हैं,
दीवारें भी जैसे मुझे पुकारती हैं।

दूर रहकर भी घर दिल के पास रहता है,
हर धड़कन में अपना अहसास रहता है।

😢 घर से दूर जाने की शायरी 2 Line

घर की मिट्टी की महक अनमोल होती है,
दूर रहकर हर घड़ी उसकी याद रोती है।

घर की चौखट छोड़ जब सफ़र पर निकलते हैं,
यादों के बोझ तले हम रोज़ ही पिघलते हैं।

माँ की दुआओं का सहारा साथ होता है,
वरना घर से दूर हर रास्ता ख़ाली सा होता है।

See also  💖 350+ Propose Shayari in Hindi | दिल से प्रपोज करने वाली शायरी

सपनों की तलाश में हम कितनी दूर आ गए,
पर दिल अब भी उसी आँगन में खोया रह गया।

घर की मिट्टी की महक अनमोल होती है,
दूर रहकर हर घड़ी उसकी याद रोती है।

🏡 घर की शायरी इन हिंदी

घर की यादें हर रोज़ तड़पाती हैं,
नींद में भी मुझसे बातें कर जाती हैं।

सफ़र चाहे कितना भी हसीं क्यों न लगे,
घर से दूर हर लम्हा अधूरा लगे।

माँ के आंचल जैसी छाँव कहाँ मिलेगी,
घर से दूर ये दुनिया बस पराई लगेगी।

घर की दीवारें भी तन्हा कर देती हैं,
जब अपनों की यादें आँसू बन देती हैं।

दिल का रिश्ता घर से कभी टूटता नहीं,
चाहे इंसान कहीं भी जाए, ये छूटता नहीं।

🥺 घर की याद शायरी इन हिंदी

दूरी ने सिखा दिया जीना तो सही,
पर घर की याद ने चैन कहीं भी न दी।

जिसे छोड़ आया हूँ मैं पीछे कहीं,
वो मेरा घर है, मेरा सब कुछ वही।

परदेश में कितनी भी शोहरत पा लूँ,
घर की मिट्टी से बढ़कर कुछ न पा लूँ।

घर की चौखट छोड़ना आसान नहीं होता,
हर सफ़र अपनेपन से ख़ाली होता।

सपनों की तलाश ने दूर कर दिया,
वरना घर ही मेरी हर मंज़िल था।

📝 निष्कर्ष

हमें पूरा यकीन है कि घर से दूर जाने की शायरी का यह कलेक्शन आपके दिल को गहराई तक छू गया होगा। ये शायरियाँ उन लोगों के लिए हैं।

जो अपनों से दूर रहकर भी हर पल घर को महसूस करते हैं। कभी यादों में, कभी ख्वाबों में और कभी आँखों की नमी में घर हमेशा हमारे साथ रहता है।

See also  125+ Wife Ke Liye Shayari — पत्नी को स्पेशल महसूस कराने वाली शायरी

अगर ये शायरियाँ आपके जज़्बातों से जुड़ी लगी हों, तो इन्हें ज़रूर शेयर करें अपने उन दोस्तों, भाइयों या बहनों के साथ जो पढ़ाई, नौकरी या मजबूरी में घर से दूर हैं। शायद आपकी एक शेयर उनके दिल को थोड़ी सी तसल्ली दे दे।

Download Image

1 thought on “135+ घर से दूर जाने की शायरी | Ghar Se Door Shayari in Hindi”

Comments are closed.